श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने देश के मौसम विज्ञान और आपदा प्रबंधन को नई ताकत देते हुए उन्नत निगरानी उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया है। इस उपग्रह को सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से निर्धारित समय पर रवाना किया गया, जिसने कुछ ही मिनटों में अपनी लक्षित कक्षा में प्रवेश कर लिया। क्यों खास है यह मिशन? वैज्ञानिकों के अनुसार, यह उपग्रह चौबीसों घंटे पृथ्वी के वायुमंडल और महासागरीय सतह पर नजर रखेगा। अत्याधुनिक सेंसरों और हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरों से लैस यह सैटेलाइट चक्रवात, मानसून की चाल, अचानक आने वाली बाढ़ और बादलों के मिजाज का रियल-टाइम डेटा प्रदान करेगा। इससे मौसम विभाग (IMD) को बेहद सटीक और समय पूर्व चेतावनी जारी करने में आसानी होगी। किसानों और तटीय इलाकों को सीधा फायदा कृषि प्रधान देश होने के कारण मौसम की सटीक जानकारी भारतीय किसानों के लिए जीवन रेखा समान है। इसके अलावा, चक्रवात की स्थिति में तटीय क्षेत्रों में समय रहते राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकेंगे, जिससे जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकेगा। मिशन की सफलता पर देश भर से इसरो की टीम को बधाई दी जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले कुछ हफ्तों में सैटेलाइट से डेटा और तस्वीरें औपचारिक रूप से ग्राउंड स्टेशन को मिलनी शुरू हो जाएंगी।